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सोशल मीडिया में कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों ने तमाम सरकारी दावों की पोल खोल कर रख दी है। तस्वीरें देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के पुल के नीचे की हैं। तस्वीरों में दिख रहा है कि सैकड़ों की संख्या में लोग पुल के नीचे रहने को मजबूर हैं। इनके पास ना तो छत है ना बिछौना और ना ही खाने को कुछ सामान। इस तरह की बातें सामने आईं कि इन लोगों को एक वक्त का खाना भी बमुश्किल मुहैया हो पा रहा था।
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तस्वीरों को पत्रकार अरविंद गुनासेकर ने ट्विटर पर शेयर किया था।
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तस्वीरें वायरल हुईं तो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल हरकत में आए और उन्होंने इस पर जरूरी कदम उठाते हुए सबको शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया। केजरीवाल ने कहा कि हम सबके खाने और राशन का इंतजाम कर रहे हैं।
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वायरल हो रही इन तस्वीरों पर लोगों ने सरकार को खूब लानतें भेजीं। लोगों ने लिखा कि इन बेचारे मजदूरों का दोष सिर्फ इतना है कि ये गरीब हैं..शायद इसीलिए इन्हें इस हालत में छोड़ दिया गया।
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कुछ लोगों ने लिखा कि ये तस्वीरें सरकार के उन सभी दावोौं की पोल खोल रही है जिसमें वह कह रहे हैं कि हम किसी को भूखे नहीं रहने देंगे।
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लोगों ने लिखा कि इन हालातों को देखते हुए आसानी से समझा जा सकता है कि ऐसे तमाम प्रवासी मजदूर शहरों से अपने घर की तरफ लौटने के लिए क्यों बेताब हैं। <a href="https://www.jansatta.com/photos/news-gallery/india-lockdown-sea-of-migrants-keen-to-return-home-gather-outside-mumbais-bandra-station/1378502/“> ‘‘मस्जिद दिख गई लेकिन स्टेशन नहीं दिखा’, जब बांद्रा की भीड़ को मजहबी रंग देने लगे कुछ लोग
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कुछ तस्वीरें ऐसी भी सामने आईं जिनमें गरीब प्रवासी मजदूर फेंके गए सड़े हुए केलों से अपनी भूख मिटाने को मजबूर दिखे। इन तस्वीरों पर लोगों ने लिखा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार कह रही है कि हम रोज 10 लाख लोगों को खाना खिला रहे हैं..तो फिर ये कौन लोग हैं जो इस हाल में हैं।